वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में महागठबंधन का बिहार में चक्का जाम
NEWS DESK: बिहार में अक्टूबर नवंबर माह में विधानसभा चुनाव होने वाला है। इससे पहले निर्वाचन आयोग ने जुलाई में वोटर लिस्ट रिवीजन का फरमान दे दिया है। विपक्षी दलों को निर्वाचन आयोग का यह फरमान रास नहीं आ रहाहै ।वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर सूबे की सियासत गरमा गई है। चुनावी घमासान से पहले ही विपक्ष को सड़कों पर उतरने का मौका मिल गया। वोटर लिस्ट रिवीजन का विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। महागठबंधन ने बुधवार को वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया। पूरे बिहार में बंद को लेकर महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया इस दौरान सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई कई जगहों पर ट्रेन रोकी गई प्रदर्शन कार्यो ने सड़कों पर टायर जलाकर आगजनी भी की। बिहार बंद को सफल बनाने के लिए लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी राजधानी पटना की सड़क पर उतरे। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, ए राजा, मुकेश सहनी सहित महागठबंधन के कई बड़े नेता पटना में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च किए।इस दौरान मार्च में महागठबंधन के नेता पप्पू यादव, कन्हैया कुमार सहित हजारों कार्यकर्ता शामिल थे। विरोध सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र तथा हरियाणा में वोटो की लूट हुई। महाराष्ट्र में एक करोड़ वोटर की चोरी की गई। बिहार में वोट की चोरी हम नहीं होने देंगे। वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि एक करोड़ वोटर का नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया जा रहा है, हम लोग ऐसा नहीं होने देंगे। महागठबंधन के बिहार बंद की आलोचना करते हुए भाजपा नेता तथा पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वोटर वही है जो भारत का नागरिक है। विपक्ष को वोटर लिस्ट के रिवीजन से परेशानी क्यों है। बता दें कि निर्वाचन आयोग के वोटर लिस्ट रिवीजन का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जिसकी सुनवाई 10 जुलाई को होने वाली है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या फैसला देती है।