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जेन जी आंदोलन की सुगबुगाहट :यूट्यूब शिक्षकों और पत्रकारों में तकरार.

NEWS DESK : वर्तमान दौर में मेंस्ट्रीम पत्रकारिता को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. पत्रकार की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में बताई जाती है.निष्पक्षता आंकी जा रही है.टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप की यूट्यूब शिक्षकों पर की गई ओछी टिप्पणी ने ऑनलाइन शिक्षकों को भड़का दिया है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे यूट्यूब शिक्षकों तथा उनके फॉलोअर अभद्र कमेंट्स कर रहे हैं. यूट्यूब शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाने का हक़ किसी पत्रकार को नहीं है. सोशल साइट्स पर हर कोई कंटेंट क्रिएटर है. चाहे वह पत्रकार हो या यूट्यूब शिक्षक, सबका एक ही उद्देश्य डॉलर में कमाई करना है. अब सवाल उठता है कि अंजना ओम कश्यप को यूट्यूब शिक्षकों पर कॉमेंट्स करने की जरूरत क्यों पड़ गई! कोरोना कल के बाद देश में शिक्षा का स्वरूप बदल गया. छात्र ऑनलाइन कोचिंग क्लास को प्राथमिकता देने लगे. सस्ता और सर्व सुलभ होने के कारण सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी दिल्ली और पटना के विशेषज्ञ शिक्षक से मोबाइल लैपटॉप के जरिए पढ़ाई करने लगे. ऑनलाइन पढ़ाई के दम पर छात्रों को सफलता मिलने लगी, जिससे ऑनलाइन शिक्षा की लोकप्रियता बढ़ गई. यूट्यूब शिक्षकों के लाखों फॉलोअर बनने लगे, जो जेन जी का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस दौरान यूट्यूब पर पढ़ने वाले कई शिक्षकों के पढ़ाने के लहजो पर सवाल भी उठते रहे. सोशल मीडिया से कमाई करने के लिए शॉर्ट्स बनाकर डाला जाने लगा. पारंपरिक शिक्षकों के उलट यूट्यूब शिक्षक ज्वलंत मुद्दों पर क्लास में चर्चा करने लगे. हमेशा से शिक्षक छात्रों के लिए आदर्श रूप रहे हैं. छात्र शिक्षक की विचारधारा से प्रभावित होते हैं. शिक्षक भी छात्र की समस्या समाधान के लिए तत्पर रहते हैं. इसकी वानगी बीपीएससी आंदोलन, एसएससी आंदोलन, नीट आंदोलन के दौरान देखने को मिली. यूट्यूब शिक्षकों की जेन जी पर बढ़ रहा प्रभाव इसका कारण तो नहीं है. कॉकरोच जनता पार्टी के लाखों फॉलोअर बढ़ने की घटना कहीं इसकी वजह तो नहीं है!
देश में लाखो युवा बेरोजगार है. आए दिन पेपर लीक हो रहा है.इसका कोई मुकम्मल समाधान सरकार के पास नहीं है यूट्यूब शिक्षक पेपर लीक और परीक्षा में धांधली का खुलकर विरोध कर रहे हैं.जेन जी की राजनितिक और सामाजिक मामलों में दिलचस्पी बढ़ गई है. पड़ोसी देश बांग्लादेश और नेपाल के आंदोलन ने भी जेन जी को प्रभावित किया है. टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप की यूट्यूब शिक्षकों पर की गई टिप्पणी ने देश में मीडिया और शिक्षकों के बीच दरार ला दिया है, जिसे देशहित में सही नहीं ठहराया जा सकता है. इस विवाद को शीघ्र ही समाप्त किए जाने की आवश्यकताहै.

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