प्रवासी मजदूरों की बदनसीबी :हत्या या हादसा !
NEWS DESK : बिहार में प्रवासी मजदूरों के पलायन को लेकर चुनावों के समय राजनीतिक दलों के नेता वायदों का भ्रमजाल फैला देते हैं. जिसमें फंसकर जनता अपना बेड़ा गर्क कर लेती है. वहीं अगले चुनाव तक नेता चैन की बंसी बजाते हैं. राज्य के असंगठित क्षेत्र के मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेश में पलायन करने को मजबूर हैं. जिसको रोकने में सरकार की हर योजना कमतर दिखाई देती है यहीं से मजदूरों के बदनसीबी की कहानी शुरू हो जाती है. मजदूर में से ही कोई अपना ठेकेदार बनकर शोषण की शुरुआत कर देता है. घर से बाहर निकलते ही मजदूरों की जान सांसत में रहती है कभी भाषा तो कभी क्षेत्रवाद के नाम पर मजदूरों के साथ बदसलूकी की जाती है. वही सीलन भरे कमरे में अपनी जिंदगी के सपना संजोते प्रवासी मजदूरों को आए दिन अनहोनी का भी सामना करना पड़ जाता है. प्रवासी मजदूरों के साथ मारपीट की घटना आए दिन सुनने को मिलती है मारपीट या हिंसक झड़प मे किसी मजदूर की मौत भी हो जाती है तो इसे हादसा का रूप दे दिया जाता है, जिसकी मुकम्मल जांच कभी नहीं होती है. अभी ताजा मामला समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना क्षेत्र के रहुआ पंचायत का है. रहुआ मिल्की के कारी सहनी का 30 वर्षीय पुत्र सेवक सहनी अपने बगलगीर ठेकेदार विनोद सहनी के कहने पर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद रोजगार की तलाश में पहुंच गया.सेवक सहनी की किराने की दुकान घाटे में थी.विनोद सहनी मजदूरों की ठेकेदारी भी करता था.उसने मित्तल ग्लास फैक्ट्री में सेवक सहनी को 25000 महीना पर काम पर लगा दिया. कारी सहनी के सात पुत्रों में सबसे छोटा सेवक सहनी अपने आने वाले संतान को लेकर खुश था. 14 जुलाई को ही उसके तीसरी संतान का जन्म उत्सव मनाया गया. अचानक से कारी सहनी के घर पर 16 जुलाई की देर रात सेवक सहनी की सड़क हादसे में मौत की सूचना दी गई. सूचना से हतप्रभ परिवार में लोग सदमे में आ गए. वहीं सेवक सहनी की मौत की खबर से उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है. अभी 6 दिन पहले ही उसको बेटा होने की खुशी मिली थी, पति की मौत से बेसुध पड़ी है. सेवक की सड़क हादसे मे मौत की कहानी को मजदूर बिपिन सहनी ने नया मोड़ दे दिया. बिपिन सहनी ने ठेकेदार विनोद सहनी पर ही सेवक सहनी की हत्या का आरोप लगा दिया.उसका कहना है कि ठेकेदार की मुखालफत करने की सजा सेवक सहनी को मिली है.विनोद सहनी के साथ एक ही कमरे में 12 मजदूर रहकर फिरोजाबाद के ग्लास फैक्टरी में काम करता था,जिसमें दलसिंहसराय के बुलाकीपुर का विपिन सहनी भी था. विपिन साहनी का कहना है कि 14 जुलाई को मेरी बेटी का जन्मदिन था हम काम पर नहीं गए. उसी दिन तीन और मजदूर किसी कारणवश ग्लास फैक्ट्री नहीं गया. ठेकेदार विनोद सहनी इस बात से अत्यधिक गुस्सा हो गया.वह अपने भाई बिंदेश्वर सहनी तथा अन्य दो लोगों के साथ कमरे पर आया. काम पर नहीं जाने से बौखला कर उसने हम चारों को रॉड से मार- मार कर अधमरा कर दिया. रिश्ते के एक चाचा ने किसी तरह मुझे फिरोजाबाद स्टेशन पर दलसिंहसराय का ट्रेन पकड़वा दिया. विपिन सहनी की पत्नी राधा देवी का कहना है कि ठेकेदार ने फोन पर हमको भी धमकी दिया. अपने पति विपिन सहनी की जान बचाने से राधा देवी ने राहत की सांस ली है. वहीं सेवक सहनी के परिवार वाले को उसके साथ हादसा होने की कहानी पर यकीन नहीं हो रहा है. हालांकि फ़िरोज़ाबाद प्रशासन ने सेवक सहनी का पोस्टमार्टम कराया है. परिवार वालों के साथ-साथ मोहल्ले वाले भी सेवक सहनी के साथ हुईं घटना की सच्चाई को जानना चाहते हैँ.अब सवाल उठता है कि प्रदेश से मजदूरों का पलायन रोकने को लेकर सरकार कितनी तत्पर है,, जिससे राज्य के बाहर जानेवाले लोगों को अपने घर में ही रोजगार मिल सके.
