युवा जनआक्रोश की अभद्र भाषा, लांघ गए मर्यादा की सीमा रेखा
NEWS DESK : पेपर लीक तथा परीक्षा में धांधली के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की
इससे युवाओं का आक्रोश देश के प्रधानमंत्री पर केंद्रित हो गया कई ऐसे वीडियो वायरल हो गया उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. इंस्टाग्राम पर रील बनाकर प्रधानमंत्री इसके बारे में स्वयं बताएं. उन्होंने कहा कि मेरी मां को भद्दी भद्दी गाली दी गई. प्रधानमंत्री इन्हें गुमराह युवा बता कर माफ किए जाने की बात कही. अब सवाल उठता है कि देश की युवाओं की भाषा का स्तर इतना नीचे कैसे गिर गया कि प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने लगे. इसके पीछे कई कारण नजर आते हैं देश की युवा पीढ़ी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज देखते हुए पली बढ़ी है. वेब सीरीज में मौलिकता के नाम पर गंदी भाषा का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता है, जिसका प्रभाव जेन जी पर पड़ना लाज़िमी है. जैन जी वेब सीरीज की भाषा को ही आत्मसात कर लिया है. जेन जी बिंदास जीवन को प्राथमिकता देने लगी है. एकल परिवार में पले बढे युवा को पारिवारिक मूल्यों की अहमियत पता नहीं है. युवा पीढ़ी का जुड़ाव मोबाइल, लैपटॉप, जैसे इलेक्ट्रॉनिक साधनों से बढ़ा है वहीं साहित्यिक पुस्तकों से लगाव काफी कम हो गया उनकी भाषा मे शब्दों का अभाव हो गया. उन्हें वेब सीरीज में बोली जाने वाली भाषा का ही पता होता है. यही कारण है कि जेन जी अमर्यादित भाषा बोलने में हिचकती नहीं है. ऑनलाइन एजुकेशन के दौर में पारंपरिक शिक्षकों से अलग ब्रांड बन चुके कई शिक्षक पढ़ाई के दौरान कक्षा मे अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैँ. जिसका असर बच्चों की भाषा पर साफ-साफ दिखाई दे रहा है. वहीं राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी अमर्यादित भाषा को बढ़ावा देने में कोताही नहीं करते हैं., जिसका खामियाजा भाषा के गिरते स्तर के रूप में देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर लाइक्स व्यू तथा फॉलोअर के लिए कंटेंट क्रिएटर अश्लील नृत्य, भद्दी गलियां तथा द्विअर्थी संवाद का प्रयोग करने में गुरेज नहीं करते हैं.उन्हें इसमें सफलता मिल रही है. जेन जी भी रील के लिए ऐसे ही अभद्र कंटेंट की ओर मुड़ गए, जो पोस्ट करते ही वायरल हो जाय. यही सोच जंतर मंतर पर पहुंचे युवा प्रर्दशनकारीयों को पीएम के खिलाफ भद्दी टिप्पणी और रील बनाने के लिए आकर्षित कर दिया. सरकार के स्तर से सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और कंटेंट पर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि देश में पीएम जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग होने से रोका जा सके.
